हरिद्वार। रुड़की के नगला इमरती गाँव स्थित हरिद्वार-मंगलौर बाईपास पर विकसित की जा रही एक बड़ी आवासीय कॉलोनी अब विवादों के घेरे में आ गई है। कांग्रेस नेता आशीष सैनी ने इस प्रोजेक्ट पर गंभीर आरोप लगाते हुए एचआरडीए (HRDA) और बिल्डरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
तस्वीरों में दिख रहा यह भव्य होल्डिंग ‘इवारा पार्कलैंड’ का है जो हरिद्वार-मंगलौर बाईपास पर बड़े स्तर पर विकसित की जा रही है। लेकिन इस चमक-धमक के पीछे अवैध प्लॉटिंग और नियमों की अनदेखी का एक बड़ा खेल होने का दावा किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता आशीष सैनी का आरोप है कि करीब 60 बीघा से अधिक भूमि पर काटी जा रही इस कॉलोनी में नियमों को ताक पर रखा गया है। सैनी के मुताबिक, एचआरडीए (हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण) की नाक के नीचे कृषि भूमि को खुलेआम ‘नोचा’ जा रहा है।
कांग्रेस नेता आशीष सैनी ने बताया कि बिल्डरों द्वारा राजस्व को भारी चूना लगाया जा रहा है। ‘इवारा पार्कलैंड’ नाम से जो प्लॉटिंग हो रही है, उसका ले-आउट केवल आधे-अधूरे हिस्से का पास है, लेकिन इसकी आड़ में 60 बीघा से ज्यादा जमीन पर अवैध रूप से प्लॉटिंग कर दी गई है। एचआरडीए के अधिकारी मौन हैं, जो भू-माफियाओं को बढ़ावा देने जैसा है।
इतना ही नहीं आशीष सैनी ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच हुई, तो एक बहुत बड़े घोटाले का खुलासा हो सकता है। जहाँ एक तरफ सरकार अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ बाईपास जैसे मुख्य मार्ग पर इतनी बड़ी कॉलोनी बिना पूर्ण स्वीकृति के कैसे विकसित हो रही है?
होल्डिंग पर साफ तौर से ‘Evara Parkland’ और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश लिखा है, लेकिन क्या इस ‘कुटुंब’ को बसाने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है? यह अब एक बड़ा सवाल है।
अब देखना यह होगा कि कांग्रेस नेता के इन गंभीर आरोपों के बाद प्रशासन और एचआरडीए विभाग क्या कार्रवाई करता है। क्या ‘इवारा पार्कलैंड’ की जांच होगी या फिर रसूखदार बिल्डरों के आगे नियम बौने साबित हों
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